महिला आरक्षण विधेयक की असली परीक्षा 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में होगी, जहाँ भाजपा इसे विपक्षी दलों को घेरने की रणनीति के रूप में देख रही है।
जितेंद्र शर्मा, नई दिल्ली। नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक के साथ ही परिसीमन विधेयक भी दो-तिहाई बहुमत के अभाव में लोकसभा में गिर गया। संसद के घटनाक्रम को सड़क तक अपने-अपने नैरेटिव के साथ लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष निकल पड़े हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के देश के नाम संबोधन के बाद स्पष्ट हो गया कि महिला आरक्षण के मुद्दे पर भाजपा लंबी रणनीति के साथ विपक्षी दलों को घेरेगी। तमिलनाडु और बंगाल में दो दिनों से लगातार यही मुद्दा उठाया जा रहा है, लेकिन असली परीक्षा तो अगले साल फरवरी-मार्च में होगी जब उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव होने हैं।
जितेंद्र शर्मा, नई दिल्ली। नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक के साथ ही परिसीमन विधेयक भी दो-तिहाई बहुमत के अभाव में लोकसभा में गिर गया। संसद के घटनाक्रम को सड़क तक अपने-अपने नैरेटिव के साथ लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष निकल पड़े हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के देश के नाम संबोधन के बाद स्पष्ट हो गया कि महिला आरक्षण के मुद्दे पर भाजपा लंबी रणनीति के साथ विपक्षी दलों को घेरेगी। तमिलनाडु और बंगाल में दो दिनों से लगातार यही मुद्दा उठाया जा रहा है, लेकिन असली परीक्षा तो अगले साल फरवरी-मार्च में होगी जब उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव होने हैं।

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